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नई दिल्ली, 17 मई (हि.स.)। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतामरण ने शुक्रवार को कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण में हिस्सेदारी बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को वैश्विक मूल्य श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए अपने विनिर्माण क्षेत्र में तेजी लाने की जरूरत है।
वित्त मंत्री ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक बिजनेस समिट 2024 को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीतारमण ने सीआईआई व्यापार शिखर सम्मेलन में भारतीय उद्योग जगत के प्रमुखों को संबोधित करते हुए उत्पाद निर्माण और नीति समर्थन में अधिक परिष्करण हासिल करने की जरूरत को भी रेखांकित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर भारत न केवल घरेलू मांग को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकता है बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम कर सकता है। इस तरह आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि सीआईआई द्वारा दिए गए सुझावों को जुलाई के बजट में एकीकृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग परिसंघ हमेशा अपने और देश के सामने सरकार के साथ मिलकर काम करने का दृष्टिकोण रखा है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि वैश्विक स्तर पर उद्योग साझेदारी एक स्पष्ट मार्ग अपनाए, ताकि वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार/प्रजेश शंकर/दधिब
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